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Showing posts from April, 2018

लेखशाला 8

लेखशाला 7

तेरे शहर से नफ़रत सी हो गयी

लेखशाला 6

आज की लेखशाला प्रस्तुत है हमारे नए कवी रोहित सोनी द्वारा:









मालचा महल

मालचा महल पता नहीं किसी अवध के राजा का सदियों पुराना महल है. वैसे तो यह कहने को महल है मगर खंडर को टक्कर देता है. पुरातत्व विभाग यदि नींद से जागे तो इसे एक धरोहर भी बनाया जा सकता है. दिल्ली का सरदार पटेल मार्ग जो की देश के सबसे लाजवाब मार्गो में से एक है. बड़े बड़े VIP लोगो के मूवमेंट से परेशान इस मार्ग पर एक छोटी सी गली निकलती है घने जंगलो की तरफ. जंहा बंदरो की सेना आपका स्वागत करती है. ये बन्दर काफी सभ्य समाज से तालुक रखते है आप इनसे बिना नज़रे मिलाये खोपड़ी नीचे कर के चुप चाप सीधे चलते जाइये तक़रीबन आधा किलोमीटर चलने के बाद आपको कुछ नहीं दिखाई देगा और आप सोच में पड़ जायंगे “अरे यार आज तो कट गया”. लेकिन जब आप उस राह के गहरे मोड़ पर पहुंचेंगे तब आपको कुछ झाड़िया दिखाई पड़ेंगी जिन्हें मोड़ कर महल की तरफ घुसा जाता है.
एक छोटी सी जानकारी की अक्टूबर 2017 के आस पास राजा की मौत हो गयी थी जिसके बाद बड़ी मात्र में आम जनता मालपानी, सोने चांदी, हीरे जवाहरात के जुगाड़ में राजा के महल पर खोज बीन करने आने लगे. जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने महल को कुछ दिनों के लिए कब्ज़ा लिया. अब महल अपनीस्वाभाविक स्तिथी में है.
चलि…