मालचा महल

April 21, 2018

मालचा महल पता नहीं किसी अवध के राजा का सदियों पुराना महल है. वैसे तो यह कहने को महल है मगर खंडर को टक्कर देता है. पुरातत्व विभाग यदि नींद से जागे तो इसे एक धरोहर भी बनाया जा सकता है. दिल्ली का सरदार पटेल मार्ग जो की देश के सबसे लाजवाब मार्गो में से एक है. बड़े बड़े VIP लोगो के मूवमेंट से परेशान इस मार्ग पर एक छोटी सी गली निकलती है घने जंगलो की तरफ. जंहा बंदरो की सेना आपका स्वागत करती है. ये बन्दर काफी सभ्य समाज से तालुक रखते है आप इनसे बिना नज़रे मिलाये खोपड़ी नीचे कर के चुप चाप सीधे चलते जाइये तक़रीबन आधा किलोमीटर चलने के बाद आपको कुछ नहीं दिखाई देगा और आप सोच में पड़ जायंगे “अरे यार आज तो कट गया”. लेकिन जब आप उस राह के गहरे मोड़ पर पहुंचेंगे तब आपको कुछ झाड़िया दिखाई पड़ेंगी जिन्हें मोड़ कर महल की तरफ घुसा जाता है.

एक छोटी सी जानकारी की अक्टूबर 2017 के आस पास राजा की मौत हो गयी थी जिसके बाद बड़ी मात्र में आम जनता मालपानी, सोने चांदी, हीरे जवाहरात के जुगाड़ में राजा के महल पर खोज बीन करने आने लगे. जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने महल को कुछ दिनों के लिए कब्ज़ा लिया. अब महल अपनीस्वाभाविक स्तिथी में है.

चलिए देखते है मालचा महल को चित्रकलाओ की जुबानी और बताए गई जानकारी वहा रहने वाले फारेस्ट डिपार्टमेंट के भाई साहब ने हमसे साझा की है जो की उनके स्तर पर सच है मगर गारंटी कोई नहीं धन्यवाद.




राहों में बंदरो द्वारा स्वागत किया जाता है वैसे ये बन्दर बेहद सभ्य है किसी प्रकार से इन्हें ऊँगली न करे
ये आप को आराम जाने देंगे इनसे नज़रे न मिलाये 

राहों में मौजूदा MTNL का डब्बा शायद इसका भी कोई मकसद रहा होगा 
ऐसा बोर्ड तो अपन ने पहली बार देखा
थोडा आगे चलने पर राह साफ़ हो जाती है 
शायद राजा का गौर्द कक्ष रहा होगा लगता है चोर दरवाजा ले गए चौखट समेत 
जंगली पेड़ पौधों के बीच में फूल देख कर कूल सा लगता है नहीं ???
महल दिखाई दिया ?? गौर से देखो !!!
महल का फ्रंट गेट !!
घुसते ही कुछ इस तरह का मंज़र दिखाई पड़ता है कहा जाता है की राजा को ईरान - इराक से भी ख़त आते थे.
ये फैलावा लोगो द्वारा किया गया था जो राजा के मरने के बाद हीरे जवाहरात की खोज में आये थे. 
महल में तकरीबन 10 - 12 कमरे है 
फारेस्ट वालो के मुताबिक राजा काफी समय से अपनी माँ और बहन के साथ रहता था. जिनकी कुछ सालो पहले मौत हो गयी थी.
कहा जाता है की दोनों को महल में ही दफ़न किया गया था 
राजा अंग्रेजी का अच्छा जानकार माना जाता था वो अक्सर बीबीसी को साक्षात्कार भी देता था 
फ्रिज लगता है काफी सालो से सर्दी में इसी का योगदान रहा है 
राजा अक्सर अपनी स्तिथि के लिए सरकारों को भी जिम्मेदार ठेराता था भारतीय मीडिया से खासकर परहेज था उन्हें 
देखकर लगता है की काफी अच्छा सर्च ऑपरेशन रहा होगा 
अक्सर राजा के पास उपहारों का आना लगा रहता था
महल के पास इसरो का एक केंद्र है जिसके सुरक्षा गुर्दों से ही राजा की बोल चाल थी किसी चीज की जरुरत पड़ने पर
 अक्सर उन्हें ही याद किया जाता था 
मौत से कुछ दिनों पहले राजा बीमार हुआ था. मलेरिया हुआ था उन्हें 
राजा की दिमागी स्तिथि काफी स्थिर मानी जाती थी मगर उसके बाद भी उनका यहाँ रहना काफी सवाल खड़े करता है.
राजा के पास 8 - 10 कुत्ते हुआ करते थे जो की उसके महल के आस पास आने वाले लोगो को काटा करते थे
मगर जैसे जैसे उनकी खुराक कम होने लगी तो एक एक करके  वे कुते भी मर गए जिससे राजा काफी हद तक टूट गया था 
महल का ढांचा आज भी काफी स्थिर स्तिथि में है 
जरुरत का हर सामान दिखाई पड़ता है यहाँ !!
काफी बार राजा को लुटेरो से भी 2 - 4 होना पड़ा था वो अक्सर किसी के आने की स्तिथि में पत्थर मरना शुरू कर देता था और उसके कुत्ते भी खून के प्यासे जंगलो में निकल पड़ते थे.
फ़िलहाल महल का काफी हिस्सा स्थिर है मगर टूट फूट भी देखने को मिल जाती है 
बिजली ??? तार तो नहीं थी महल में !!!
कुछ MTNL के टूटे फोन भी  मिले जो की इसरो  द्वारा दिए गए थे जिनसे राजा जरुरत पड़ने पर  सुरक्षा कर्मियों से संपर्क करता था 
महल की छत्त भी है जहा जंगली पौधों ने अपना निवास बनाया हुआ है 
छत्त पर पहुँच कर आपको राष्ट्रपति भवन दिखाई पड़ेगा और CP में लहराता तिरंगा भी 
गूगल से उठाया राजा का फोटू ज्यादा जानकारी के लिए इन्टरनेट पर काफी माल पानी है 
ये जानकारी शायद अजीब सी लगे लेकिन इसरो में तैनात नागा पुलिस के मुताबिक रात के वक़्त कुछ अजीब सी गतिविधिया भी होती है सीधे शब्दों में कहा जाये तो रात के वक़्त वहा रोने की आवाज़े आती है और कोई किस्सा छेड़ते हुआ नागा वालो ने बताया की एक दिन उनके किसी साथी को मोड़ पर किसी चुडेल ने मारा.

हम वह सर्दियों की दुपहर में गए थे यदि आप भी वह जाना चाहते है तो ऑटो या कैब से कहे की दिल्ली भू केंद्र जाना है. महल बिल्कुल बगल में है. सावधानी के लिए सूचना कभी कभी दिल्ली पुलिस भी गश्त पर होती है तो पूछ ताछ का खतरा बना रहता है. और आखरी चीज़ कोई रात को जाये तो बताना मुझे चुड़ैल वाली बात पर यकीन कम हुआ



राम राम 



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