सोशल मीडिया के फायदे नुकसान



अंतरराष्ट्रीय मोह माया WhatsApp - Facebook - Instagram  से बौखला कर मैंने अपना पर्सनल प्रयोग किया. जिसमें मेरा मकसद 21 दिन बिना मोह माया में पड़े गुजारना था. जिसमें WhatsApp Facebook और Instagram से दूर रहना था और जैसे कि उम्मीद थी सफलतापूर्वक 21 दिन प्रयोग पूरा करने के बाद परिणाम कुछ इस प्रकार रहे.

सोशल मीडिया के साथ आम दिन
1. आँख खुलते ही facebook whatsapp चलाया फिर सो गए.
2. मोबाइल पकडे संडास में गए और 1 घंटे बाद वापस आये.
3. बाजार जा रहे है मोबाइल हाथ में.
4. खाना खा रहे है मोबाइल हाथ में.
5. टट्टी कर रहे है मोबाइल हाथ में.
6. बड़ो से बात कर रहे है मोबाइल हाथ में.
7. और रात के 12 बज गए मोबाइल हाथ में.

21 दिन के प्रयोग के बाद

बदलाव 
1.  कल तक फूलों से भरा बाग लगने वाला मोबाइल बंजर रेगिस्तान लगने लगा.
2. खाना खाते हुए बिना मोबाइल ऐसे लगता जैसे खाने में नमक कम हो.
3. रास्ते में जाते हुए पता लगता है अच्छा यह दुकान कैसे आई पहले तो नहीं दिखी कभी.
4. बिना सोशल मीडिया के ऐसा लगता जैसे किसी ने आत्मा को बोतल में बंद कर दिया हो.
5.  लगता की मेरे फेसबुक के दोस्त मेरे लिए तड़प रहे होंगे.
6. घर वाले भी पूछ लेते हैं क्या बात Facebook WhatsApp नहीं चला रहा कोई बात हो गई तो बता.
7. यार दोस्त भी ताना मार ही देते आजकल मेरे लाइक नहीं कर रहा तू.
8. सदियों से अधूरे पड़े कामो पर कम शुरू हुआ.


फायदे
1. दुनिया की टट्टी चीजों से कोई लेना देना नहीं रहता.
2. संसार को गौर से समझने का मौका मिलता है.
3. हिंदू मुस्लिम दंगे नहीं होते.
4. कहीं रेप नहीं होता.
5. गायों की हत्या नहीं होती.
6. कोई बवासीर ढिंचक पूजा गाना नहीं सुनना पड़ता.
7. दुनिया में भाईचारा दिखाई देता है.
8. जो समय मोबाइल में आखे फोड़ने में लगता था अब किसी भूले बिछड़े यार को फोन करने में लगता है.
9. कोई पुराने जमाने की पुरानी तस्वीर लैपटॉप से दिमाग में उतारी जाती है.
10.घरवालों से बात कर कर खुशी मिलती है बोहोत अच्छे होते है घर वाले.


नुकसान
1. जिनका जन्मदिन निकल जाए वह बुरा मान जाए.
2. जिनके चित्र पर लाइक ना हो पाए वह बुरा मान जाए.
3. जिनके मैसेज का रिप्लाई ना जाए वह बुरा मान जाए.
4. देश दुनिया की खबर ना आए  दिल बुरा मान जाए.
5. भविष्य के बारे में सोच सोच दिमाग बुरा मान जाए.



वैसे उन 21 दिन तक जिंदगी को पास से देखने का अच्छा मौका मिला. असल में हम नशेड़ी हो चुके हैं इस WhatsApp Facebook के. खाना खाए बिना चैन पड़ जाता है पर Facebook चलाए बिना चैन नहीं पड़ता. पर असल में इस अंतर्राष्ट्रीय माया से परे जो दुनिया बसती है. वह वाकई में एक बेहतरीन दुनिया है जिसे भगवान ने तराशा है हमें दिखाने के लिए.  चलो इससे ज्यादा तो मैं क्या बताऊं मैं खुद ही रोगी हूँ इस रोग ऐ माया का पर कभी खुद ही देख लेना मोह माया से परे होकर. वैसे दुनिया है बेहतरीन बस माया से परे होकर देखना.

मौका मिला तो फिर पेलेंगे ज्ञान किसी और चीज में तब तक के लिए

हवा में प्रणाम


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